Butterfly Pose: हिप एरिया का फैट कम करने के लिए, हर दिन करें यह आसन

तितली आसन योग में सबसे महत्वपूर्ण आसनों में से एक है जिसके बहुत सारे हेल्‍थ बेनिफिट्स हैं।यह शुरुआती लोगों के लिए स्ट्रेचिंग योग है। यह उन्नत मुद्राओं के लिए कूल्हे के जोड़ों को खोलने में मदद करता है। तितली आसन करने से जांघों और कूल्हों में लचीलापन आता है। यह आसन उन लोगों के लिए विशेष रूप से लाभदायक है जो लंबे समय तक बैठकर काम करते हैं। कुल मिलाकर, बटरफ्लाई पोज़ शारीरिक और मानसिक दोनों रूप से सुखदायक,आरामदायक प्रभाव डालता है और ऊर्जा के स्तर को बढ़ाने में मदद करता है। आइए बटरफ्लाई आसन के लाभों को समझें और इसे करने का सही तरीका क्‍या है।

इस आसन को ‘तितली आसन’ या Butterfly Pose भी कहा जाता है। इस मुद्रा में दोनों टांगें मुड़कर हिप्स के पास आ जाती हैं और दोनों टांगों से होने वाला मूवमेंट तितली के पंखों की मुद्रा बनाता है। इस आसन को करते हुए जब हम पैरों को हिलाते हैं तो पैरों की गति तितली के हिलते हुए पंखों के समान नजर आती है। इसलिए इसे तितली आसन या बटरफ्लाई पोज़ (Butterfly pose) कहते हैं। जूता गांठने वाले मोचियों को ज्यादातर आपने इसी मुद्रा में बैठकर काम करते हुए देखा होगा। इसीलिए इस आसन को अंग्रेजी में Cobbler Pose भी कहा जाता है। इसका अभ्यास बहुत ही आसान है, तितली आसन महिलाओं के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है। इसका नियमित अभ्‍यास करने से पैरों, कमर, कंधों के साथ साथ पेल्विक एरिया के मसल्‍स भी मजबूत बनते हैं।आइए जानते हैं इसे करने का सही तरीका क्‍या है।

  • एक योगा मैट सूर्य की ओर मुखकर आराम मुद्रा में बैठ जाएं।
  • आप चाहे तो इस योग को करने के लिए दंडासन मुद्रा में भी बैठ सकते हैं।
  • इसके बाद अपने दोनों पैरों को आगे की तरफ फैलाएं।
  • अब पैरों को मोड़कर घुटनों एवं तलवों को एक दूसरे से मिलाएं।
  • अब आराम मुद्रा में बैठकर अपने हाथों से जांघों को ज़मीन से लगाएं।
  • इस दौरान आपकी पीठ सीधी होनी चाएह।
  • अब दोनों हाथों से पैर के तलवों को पकड़ लें।
  • फिर आंख बंदकर तितली की भांति अपने पैरों को हिलाएं।
  • जब घुटनों को ऊपर करें, तो सांस लें और नीचे जमीन को स्पर्श करते समय सांस छोड़ें।
  • इस प्रक्रिया को कम से कम 5 से 10 बार दोहराएं।

तितली आसन को 3 से 5 मिनट तक किया जा सकता है. शुरुआत में 15 से 30 सेकंड से शुरू करना अच्छा रहता है।जैसे-जैसे लचीलापन बढ़ता है, 60 सेकंड या उससे ज़्यादा समय तक आसन किया जा सकता है।

बटरफ्लाई पोज़ लचीलापन बढ़ाता है और तनाव कम करता है। यह उन लोगों के लिए आदर्श है जिनके कूल्हे अत्यधिक बैठने या उच्च तीव्रता वाले वर्कआउट के कारण तंग हो गए हैं।तितली आसन करने से हिप्स की चर्बी कम होती है। यह हिप्स के साथ-साथ थाई और बैली फैट को भी कम करता है। यह आसन कूल्हों को लचीला बनाता है और तनाव कम करता है। 

  • जिन लोगों को कमर के निचले हिस्से में दर्द हो वे लोग तितली आसन का अभ्यास न करें।
  • इस आसन को करते समय पैरों को ज्यादा जोर से नहीं हिलाएं। इस आसन को धीरे-धीरे करें और अपनी शरीर के क्षमता के अनुसार ही यह आसन करें।
  • अगर आपको हाल में कोई चोट लगी हो या आपकी सर्जरी हुई हो तो यह आसन न करें।
  • सियाटिका के मरीज भी इस मुद्रा को बिलकुल न करें या कूल्हों के नीचे गद्दी रखकर ही तितली आसन करें।
  •  जब हम इस योगासन को शुरू करते हैं तब पैरों, कूल्हे, जांघ, पिंडली, पेट और घुटने में कुछ दर्द महसूस होता है, लेकिन जैसे-जैसे हम अभ्यास करते हैं वैसे-वैसे आसन को और आसानी से कर सकते हैं।

योगा करने से पहले चिकिस्तक और योगा इंस्ट्रक्टर की सलाह लेनी चाहिए। 

पढ़ने के लिए धन्यवाद ! 

रीना जैन

Translate »
error: Content is protected !!