प्रोटीन को लेकर एक आम शिकायत यह है कि ये आसानी से पचता नहीं है। छोले और राजमा की सब्जी का स्वाद तो लाजवाब होता है लेकिन इसे खाने के बाद गैस की समस्या हो जाती है। लोगों को सिरदर्द, जी मिचलाना, पेट फूलना या पेट से जुड़ी अन्य समस्याएं होने लगती हैं। फेवरेट डिश होने के बावजूद कुछ लोगों को राजमा और चावल से दूर रहना पड़ता है। क्या आपको भी राजमा या चावल खाने से पेट में गैस बनती है? इसलिए अगर आपको प्रोटीन पचाने में समस्या आ रही है तो एल्केलाइन फॉर्मिंग फूड जैसे कि हरी सब्जियां, सलाद, खीरा, टमाटर, आदि के साथ लो एसिड फॉर्मिंग प्रोटीन लें, जो कि आसानी से पच जाएगा।
इसके अलावा, यदि भोजन में प्रोटीन की मात्रा अत्यधिक हो या भोजन के साथ अन्य खाद्य पदार्थों का असंतुलित कॉम्बिनेशन हो, तो भी पाचन समस्याएं पैदा हो सकती हैं।सही पाचन के लिए संतुलित आहार और पाचन को सही स्थिति में बनाए रखना जरूरी है। जानिए क्या है इसकी वजह और कैसे इससे निजात पाया जा सकता है।
प्रोटीन की आवश्यकता क्यों होती है? (Why is Protein Needed?)
प्रोटीन हड्डियों, और शरीर के ऊतकों, जैसे मांसपेशियों के निर्माण के लिए आवश्यक है, लेकिन प्रोटीन इससे कहीं अधिक है। खाद्य पदार्थों के माध्यम से प्रतिदिन पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन लेना जरूरी होता है, क्योंकि बॉडी इसे फैट या कार्बोहाइड्रेट की तरह स्टोर नहीं करता है। शरीर में प्रोटीन इसलिए जरूरी है:

- प्रोटीन बॉडी सेल्स को रिपेयर करने के साथ ही नई कोशिकाओं को बनाने में हेल्पफुल होता है।
- प्रोटीन बॉडी में होने वाली कई तरह की प्रक्रियाओं के लिए जरूरी है, जैसे कि तरल पदार्थ का संतुलन, प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया, ब्लड क्लॉट प्रॉसेस, एंजाइम और हॉर्मोन का उत्पादन।
- यह मसल्स, हड्डी, स्किन, बाल और इंटरनल ऑर्गन्स का प्रमुख हिस्सा है।
प्रोटीन की कमी से होने वाली समस्याएं (Problems Caused by Protein Deficiency)
- एनीमिया
- फ़ैटी लीवर
- शारीरिक विकास में देरी
- इम्युनिटी कमज़ोर होना
- वज़न बढ़ना
- सांस लेने में दिक्कत
- त्वचा का डल दिखना
- झुर्रियां
- फ़ाइन लाइन्स
- बाल झड़ना
प्रोटीन को पचाने के असरदार तरीके (Effective ways to Digest Protein)
प्रोटीन खाने के बाद गैस, ब्लोटिंग, अपच और लूज मोशन क्यों हो रहा है और अगर हो रहा है तो इसके लिए क्या करें। याद रहे कि प्रोटीन की ज्यादा मात्रा आपको ब्लोटिंग या कब्ज की शिकायत हो सकती है इसलिए इसे सही तरह पचाने और शरीर को ताकतवर बनाने के लिए कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है।
खाने से 30 मिनट पहले प्रोबायोटिक लें (Take Probiotic 30 Minutes before Eating)

प्रोटीन को पचाना थोड़ा मुश्किल काम होता इसके लिए पाचन तंत्र को थोड़ी ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। इसलिए आपको खाने से कम से कम आधा घंटा पहले किसी प्रोबायोटिक वाली चीज का जैसे दही का सेवन करना चाहिए।
हाइड्रेशन (Hydration)
पूरे दिन खूब पानी पिएं। पर्याप्त मात्रा में पानी पीने से पाचन क्रिया बेहतर होती है और शरीर को पोषक तत्वों को कुशलतापूर्वक अवशोषित करने में मदद मिलती है।
अच्छी तरह चबाएं (Chew well)

कार्ब को पचाने वाले एंजाइम्स तो स्लाइवा से ही मिलने शुरू हो जाते हैं, लेकिन प्रोटीन के साथ ऐसा नहीं होता। इसलिए उसे मुंह में ही खूब देर तक और अच्छे से चबाना जरूरी है। अपने भोजन को ठीक से चबाने से भोजन के कण छोटे-छोटे टुकड़ों में टूट जाते हैं, जिससे पाचन एंजाइमों को काम करने में सुविधा होती है।
प्रोटीन के साथ कार्ब या स्टार्च न लें (Do not Take Carbs or Starches with Protein)
अगर हम स्टार्ची फूड जैसेकि आलू, चावल वगैरह के साथ प्रोटीन खाते हैं तो इसे पचाने में पेट को एक साथ ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। प्रोटीन और स्टार्च व कार्ब के पचने की प्रक्रिया बिलकुल अलग है।
एंजाइम्स रिच फूड लें (Eat Enzyme Rich Foods)

प्रोटीन के ढंग से न पचने का एक सबसे बड़ा कारण है पेट में जरूरी एंजाइम्स का अभाव होना। ऐसे में अगर हम अपने रोजमर्रा के भोजन में ऐसी चीजों की मात्रा बढ़ाएं, जो एंजाइम रिच फूड हैं तो इससे प्रोटीन को पचने में मदद मिल सकती है, जैसेकि फल और सब्जियां। अगर हम सब्जियों को ज्यादा पकाएं तो उससे डाइजेस्टिव एंजाइम्स नष्ट हो जाते हैं। इसलिए कोशिश करें कि इसे ज्यादा-से-ज्यादा कच्चा ही खाएं या फिर कम-से-कम पकाएं।
प्रोटीन के नहीं पचने की समस्या बहुत अधिक होने पर डॉक्टर की सलाह से एंजाइम के पिल्स भी लिए जा सकते हैं। ये पिल्स प्रोटीन को ठीक से पचने में मदद करते हैं।
प्रोटीन लंच में ज्यादा लें (Eat More Protein at Lunch)
बहुत से लोग रात के खाने में प्रोटीन रिच फूड्स खाते हैं जिससे डाइजेस्ट करना मुश्किल हो जाता है। प्रोटीन चीजों को आपको दोपहर में लंच में खाना चाहिए ताकि बॉडी को उसे पचाने के लिए समय मिल सके।
प्रोटीन वाले फूड्स को रातभर भिगोएं (Soak Protein Foods Overnight)

अगर आप प्लांट बेस्ड प्रोटीन से भरपूर चीजों जैसे दाल, छोले या चने का इस्तेमाल करते हैं, तो उन्हें बनाने से पहले पानी में भिगोकर रखें । कभी भी दाल को बिना भिगोए न बनाएं। बनाने से कम से कम 4 से 6 घंटे पहले इसे भिगो दें।वहीं राजमा, छोले या चने बनाने की प्लानिंग हैं, तो इसे भी 8 से 10 घंटे पहले भिगाना जरूरी है।और उन्हें वात को काबू रखने वाले मसाले जैसे जीरा और हींग के साथ बनाएं।
एक ही समय में अधिक प्रोटीन न लें (Don’t Consume too Much Protein at the Same Time)
एक ही भोजन में अधिक मात्रा में प्रोटीन लेने के बजाय पूरे दिन में प्रोटीन का सेवन करें। इससे शरीर को प्रोटीन को अधिक प्रभावी ढंग से पचाने और अवशोषित करने में मदद मिलती है।
फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ (Fiber Rich Foods)

फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ खाएं, जैसे कि सब्जियाँ, फल और साबुत अनाज। प्रोटीन को पचाने के लिए अनानास, पपीता, टोफ़ू, मूंग दाल, क्विनोआ, ओट्स, और ब्राउन राइस जैसे खाद्य पदार्थ खाए जा सकते हैं। फाइबर पाचन स्वास्थ्य का समर्थन करता है और समग्र पोषक तत्व अवशोषण में सुधार कर सकता है।
प्रोटीन पाचन में सुधार कैसे करें? (How to improve protein digestion?)
यदि आपको संदेह है कि आपको प्रोटीन पचाने में कठिनाई हो रही है, तो बेहतर पाचन के लिए कुछ तरीके यहां दिए गए हैं:
पेट में एसिड को स्वाभाविक रूप से बढ़ाएं – भोजन से पहले सेब साइडर सिरका पीने या अदरक का सेवन करने से पेट में एसिड के उत्पादन को बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
एंजाइम युक्त खाद्य पदार्थ खाएं – पपीता (जिसमें पपैन होता है) और अनानास (जिसमें ब्रोमेलैन होता है) जैसे खाद्य पदार्थ प्रोटीन को प्रभावी ढंग से तोड़ने में मदद कर सकते हैं।
अग्न्याशय के स्वास्थ्य का समर्थन करें – अत्यधिक शराब और प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों के सेवन से बचें, जो अग्न्याशय पर बोझ डाल सकते हैं।
आंत के स्वास्थ्य को बनाए रखें – दही और किण्वित सब्जियों जैसे प्रोबायोटिक युक्त खाद्य पदार्थ बेहतर प्रोटीन अवशोषण के लिए आंतों की परत को मजबूत करने में मदद कर सकते हैं।
एंटासिड के अत्यधिक उपयोग से बचें – एंटासिड के लगातार उपयोग से पेट में एसिड का स्तर कम हो सकता है, जिससे प्रोटीन का पाचन खराब हो सकता है।
प्रोटीन नहीं पचने के लक्षण (Symptoms of protein indigestion)

बॉडी में अगर प्रोटीन को पचने में परेशानी होती है तो कई तरह के लक्षण समाने आ सकते हैं।
- बॉडी में अनपचे प्रोटीन के कारण बदबूदार फार्ट आ सकते हैं।
- इसके साथ ही अधिकतर लोगों को प्रोटीन नहीं पचने के कारण कब्ज की समस्या होने लगती है।
- कुछ लोगों को हाई प्रोटीन डाइट के कारण पेट दर्द की समस्या भी होती है।
- थकान और कमज़ोरी।
- बालों का झड़ना और नाखूनों का कमज़ोर होना।
- त्वचा में खुजली या रैशेज।
रोज़ाना कितना प्रोटीन लेना चाहिए? (How much protein should one consume daily?)

यह आपके वज़न, जीवनशैली, और लिंग पर निर्भर करता है।वज़न के हिसाब से प्रोटीन की मात्रा-
आहार संबंधी दिशा-निर्देशों के अनुसार, शरीर के प्रति किलोग्राम वजन के हिसाब से प्रतिदिन 0.8 ग्राम प्रोटीन का सेवन आवश्यक है। एथलीटों और बहुत सक्रिय जीवनशैली वाले लोगों को शरीर के प्रति किलोग्राम वजन के हिसाब से 1 ग्राम/2 ग्राम प्रोटीन की आवश्यकता हो सकती है।प्रोटीन की ज़रूरत कैलोरी इनटेक और वज़न पर निर्भर करती है। एक्सपर्ट्स की मानें, तो एक दिन में प्रति किलोग्राम शरीर के वज़न के हिसाब से 1 ग्राम प्रोटीन लेना चाहिए। ज़्यादा प्रोटीन लेने से पहले डॉक्टर की सलाह ज़रूर लें।
पढ़ने के लिए धन्यवाद !
रीना जैन
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