खजूर (छुहारा) खाने के फायदे व नुकसान | Dates Eating Benefits and Side Effects in Hindi)

खजूर के विषय में महान कवी रहीम ने लिखा था

“बड़ा हुआ सो क्या हुआ, जैसे पेड़ खजूर,

  पंथी को छाया नहीं, फल लागे अतिदूर.”

“आसमान से टपके खजूर पर अटके” ये कहावत भी आपने कहीं ना कहीं सुनी होगी जिसमें पत्तियां बहुत कम होती है, लेकिन इसका फल बहुत मीठा व गुणकारी होता है। इसलिए कहा जाता है कि हमें खजूर के पेड़ की तरह नहीं, बल्कि उसके फल की तरह बनना चाहिए। मुख्यतः तीन प्रकार के खजूर का ज्यादा प्रचलन है। जिसमे ताजा पका हुआ नरम खजूर होता है , दूसरा थोड़ा नर्म और थोड़ा सूखा होता है , तीसरे बिल्कुल सूखे हुए होते है जिन्हें छुहारा के नाम से जाना जाता है। सूखे हुए खजूरों को छुहारा कहा जाता है। फल की तुड़ाई तीन चरणों में होती है। पहला- जब फल पकने की अवस्था में (ताज़ा- खजूर) होता है। दूसरा- जब फल एकदम पक कर, नरम (पिंड खजूर) हो जाते हैं। तीसरा- जब फल सूख (छुहारा) जाते हैं। छुहारा  बनाने के लिए, फल पकने की अवस्था में तुड़ाई की जाती है।  सूखे खजूर में गीले खजूर की तुलना में अधिक पौष्टिक होते हैं। यह कैल्शियम, पोटैशियम, प्रोटीन, मैंगनीज, मैग्नीशियम, फास्फोरस, जिंक, विटामिन-बी6, ए और के से भरपूर होता है।इसके अलावा खजूर में कार्बोहाइड्रेट, आयरन, लाभदायक फैट्स, डायटरी फाइबर और फैटी एसिड्स होते हैं । ये सभी पोषक तत्व हमारे शरीर को रोगों से बचाते हैं।

खजूर क्या है? (What is Dates (Khajur) in Hindi)

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खजूर एक लोकप्रिय खाद्य पदार्थ है।खजूर को सर्दियों का मेवा कहा जाता है। इसका प्राकृतिक मीठापन इसे और खास बनाता है। खजूर को इंग्लिश में डेट्स के नाम से जाना जाता है। इसका वैज्ञानिक नाम फीनिक्स डेक्टाइलीफेरा (Phoenix Dactylifera) है खजूर को ताड़ यानी पाल्म ट्री की प्रजाति का माना गया है।यह एक ताड़ प्रजाति का वृक्ष है, जो सीधा खंभे की तरह ऊपर की ओर बढ़ता है। खजूर के पेड़ की ऊंचाई लगभग 35 से 55 फीट होती है। खजूर के पेड़ की पत्तियां 8 से 10 फीट लंबी एवं नुकीली होती है जो आगे कांटेदार लगती है। खजूर के पेड़ पर लगने वाले फल लाल व पीले रंग के होते है। लाल खजूर खाने में थोड़े मीठे व हल्के कसैले लगते है और पीले रंग के खजूर फल अधिक मीठे व स्वादिष्ट होते है। फल लगभग एक इंच लम्बा होता है और यह गुदादर होता है, जिसमें लंबा बीज भी निकलता है। खजूर के एक पेड़ में लगभग 60-65 किलो ग्राम फल लगते है। खजूर के पेड़ से सफेद रस निकलता है, जिससे गुड़, सिरका व शराब बनाए जाते है। खजूर की पत्तियां झाडू व रस्सी बनाने में प्रयोग की जाती है। खजूर शरीर के लिए पोषण व ऊर्जा का स्रोत है। खजूर कम पानी और गर्म मौसम वाली जगह पर अच्छे से उगता है।  ताजे खजूर अगस्त से दिसंबर तक ही मिलते हैं, लेकिन सूखे खजूर साल भर बाजार में उपलब्ध रहते हैं।

खजूर में पाए जाने वाले पोषक तत्व (Dates Nutrition Facts)

प्रति – 100 ग्राम

कार्बोहाइड्रेट74.97 ग्राम
प्रोटीन1.81 ग्राम
फैट0.15 ग्राम
कोलेस्ट्रोल0 ग्राम
फाइबर6.7 ग्राम
विटामिन A149IU
विटामिन K2.7 मिली ग्राम
सोडियम1 मिली ग्राम
पोटेशियम696 मिली ग्राम
कैल्सियम64 मिली ग्राम
मैग्नीशियम54 मिली ग्राम
आयरन0.90 मिली ग्राम

खजूर के फायदे (Khajoor Benefits in Hindi)

How Many Dates Should You Eat a Day?
  • खजूर हड्डियों, आंखों की मांसपेशियों, दांतों को मजबूत बनाता है। फॉलिक एसिड बच्चे का बेहतर विकास करता है।
  • खजूर में फोलिक एसिड पाया जाता है। गर्भावस्था के दौरान इसे खाने से शिशुओं में होने वाले मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी के जन्म दोष को रोकने में मदद मिलती है।
  • खजूर में फाइबर भरपूर मात्रा में पाया जाता है। इस कारण ये पेट संबन्धी परेशानियों में काफी कारगर है। ये कब्ज की परेशानी को दूर करता है।
  • इसे खाने से काफी देर तक पेट भरा हुआ महसूस होता है, जो अनावश्यक रूप से खाना खाने से रोकता है और वजन को नियंत्रित रखता है।
  • खजूर प्राकृतिक शर्करा में उच्च होते हैं और इसलिए अगर आपको इंस्टेंट एनर्जी चाहिए तो खजूर का सेवन कर सकते हैं। 
  • खजूर में मैग्नीशियम पाया जाता है जो बच्‍चे की हड्डियां और दांतों के निर्माण में मददगार होता है। 
  • खजूर शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल के स्तर को भी कम करता है। इसमें मौजूद पोटैशियम शरीर के नमक का संतुलन और रक्तचाप को नियंत्रित रखने में मदद करता है।
  • खजूर त्वचा के लिए बहुत अच्छा है। इसे नियमित रूप से खाने झुर्रियां और झाइयां देरी से आती हैं।

खजूर कैसे खाएं (How To Use Dates?)

खजूर को खाने के कई तरीके हो सकते है।

  • इसे वैसे ही खा सकते है।
  • दूध में उबाल कर खा सकते है।
  • खजुर की चटनी बना कर काम में ले सकते है।
  • खजुर की मिठाई बना सकते है।
  • इसे सलाद में डालकर भी खा सकते हैं | 
  • खजुर के साथ मेवे मिलाकर स्वादिष्ट लडडू बनाये जा सकते है।
  • खजुर का स्वादिष्ट पाचक चूर्ण बना कर उपयोग कर सकते है।
  • इसका शेक बनाकर भी पी सकते हैं 
  • खजुर की आइस क्रीम बन सकती है।
  • खजुर को पीसकर ब्रेड पर लगा कर खाया जा सकता है।

खजूर खाने का सही समय और मात्रा (Right Time and Quantity to Eat Dates)

वैसे तो खजूर का सेवन किसी भी समय कर सकते हैं

  • अगर खजूर सुबह के वक्त खाली पेट खाते हैं तो इससे आपको इंस्टेंट एनर्जी मिलती है और यह आपके शरीर के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है|
  • आप वर्कआउट करते हो तो आप 1 घंटे पहले खजूर का सेवन करें इससे आपके वर्कआउट को तेज करने में मदद मिलती है।
  • इसके साथ-साथ कुछ लोगों को खाना खाने के बाद मीठा खाने की आदत होती है तब आप अनहेल्थी खाने की बजाय नेचुरल मीठा खजूर खाए जो कि बिल्कुल हेल्दी होता है।
  • इसके साथ-साथ आप खजूर का सेवन रात के समय भी कर सकते हैं इसके लिए आप खजूर खाकर ऊपर से गर्म दूध पी ले तो यह आपके लिए बहुत ही फायदेमंद होगा।
  • खजूर की तासीर गर्म होती है तो अगर आप इसका सेवन गर्मी के मौसम में करते हैं तो खजूर को रात भर पानी में भिगोकर रखें और फिर सुबह इसका खाली पेट सेवन करें तासीर खत्म हो जाती है और साथ ही साथ पौष्टिकता भी बनी रहती है।
  • अगर सर्दी का मौसम है तो आप इसे डायरेक्ट खा सकते हैं या फिर आप चाहें तो इसे दूध में अच्छी तरह उबालकर इसका सेवन कर सकते हैं|
  • वैसे दिन भर में कम से कम 2 से 3 खजूर और ज्यादा से ज्यादा 5 से 7 खजूर का सेवन कर सकते है।
  • असल में खजूर खाने की सही क्वांटिटी इस पर भी डिपेंड करती है कि आपकी शरीर की तासीर गर्म है या ठंडी अगर आप कोई फिजिकल एक्टिविटीज है जिम करते हैं तो आप 1 दिन में 5 से 6 खजूर खा सकते हैं।

खजूर को दूध में भिगोकर खाने के फायदे ( Benefits of Eating Dates Soaked in Milk)

Have Insomnia, Cough Or Constipation? Have Soaked Dates In Milk Everyday

एक अध्ययन के मुताबिक जब खजूर को दूध में भिगोकर कुछ समय तक उबाला जाता है तो इसका स्वास्थ्य लाभ 100 गुना बढ़ जाता हैं। दोनों ही हमारे स्वास्थ्य के लिए किसी अमृत से कम नहीं है।

  • अगर आप वजन बढ़ाना चाहते हैं तो 5 से 7 खजूर को आधा लीटर दूध में अच्छी तरह से उबालें और फिर खजूर को दूध से निकालकर अलग से खाएं फिर उसके ऊपर दूध पी ले तो इससे बहुत जल्द रिजल्ट मिलेगा।
  • गाय के दूध में भिगोया हुआ खजूर गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद होता है। गाय के दूध में भिगोकर खजूर का सेवन करने से शरीर में ऑक्सिटोसिन की मात्रा में वृद्धि होती है, जो डिलीवरी के समय यूटरस की सेंस्टीविटी को बढ़ाने का कार्य करता है।
  • जुकाम होने पर दूध में छुहारे उबालकर पीने से लाभ मिलता है। ऐसा प्रतिदिन करने से शारीरिक ताकत बढ़ती है।
  • दूध और खजूर दोनों में कैल्शियम होता है जो जोड़ों के दर्द से निजात दिलाता है।
  • बच्‍चों को पढ़ाई के लिये एक तेज दिमाग की काफी आवश्‍यकता पड़ती है। ऐसे में उन्‍हें दूध और खजूर जरुर पिलाए। इसमें मौजूद विटामिन बी6 से मेमरी तेज होती है।
  • यदि आप चेहरे पर झुर्रियों से परेशान हैं, तो इसके लिए आप रोजाना 5 से 7 खजूर रात को दूध में भिगो लें और अगली सुबह इसे शहद में मिलाकर इसका गाढ़ा पेस्ट बना लें। इसके बाद 15 से 20 मिनट तक इसे चेहरे पर लगाकर छोड़ दें। इसे हफ्ते एक बार करें। यह बाजार में मौजूद किसी महंगे फेशियल पैक से कम नहीं है।
  • दूध और खजूर का सेवन खांसी से निजात दिलाता है। मौसमी बीमारियों से निजात दिलाने और इनके संक्रमण से दूर रखने में भी यह फायदेमंद होता है। इसके लिए खजूर को दूध में उबालकर सेवन करें।
  • भूख बढ़ाने के लिए पिंड खजूर का गूदा निकालर दूध में पकाएं फिर उसको ठंडा करके पीस लें। ये भूख बढ़ाता है और खाना भी पचाता है।
  • खजूर अनिद्रा का इलाज करने में भी आपकी मदद कर सकता है। इसके लिए आप रोजाना  रात को सोने से पहले एक गिलास दूध में 3 से 4 खजूर मिलाकर पिएं।
  • जो लोग गठिया से परेशान हैं उन लोगों को दिन में 3 से 4 खजूर दूध में उबालकर खाने की सलाह दी जाती है।
  • अगर आप जिम जाते हैं और भारी वेट उठाते हैं तो आपको दूध में पिसा हुआ खजूर जरुर खाना चाहिये। इससे मसल्स बिल्डिंग में मदद मिलती है।
  • यह रक्तचाप यानि ब्लड प्रेसर को कम करने में आपकी मदद कर सकता है। इसके लिए खजूर को करीब 30 मिनट तक दूध में भिगोकर रख दें और भोजन से पहले इसका सेवन करें।
  • दूध में भिगोया हुआ खजूर स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए बेहद फायदेमंद होता है। यह दूध के उत्पादन में वृद्धि करता है।

विभिन्न रोगों मे खजूर लेने का तरीका (Method of Taking Dates in Various Diseases)

  • अगर आपको पेट से जुड़ी परेशानी जैसे कि दस्त, कब्ज की अक्सर शिकायत रहती है तो रोजाना सुबह खाली पेट 4 से 5 खजूर खाने चाहिए। ऐसा करने से पाचन शक्ति स्वस्थ तरीके से काम करती है।
  • यह आंख से जुड़ी एक ​बीमारी, रतौंधी के इलाज में भी कारगर है। रतौंधी से निजात पाने के लिए खजूर का पेस्‍ट बनाएं और उसे आंखों के चारों ओर लगाएं इससे फायदा मिलता है। खजूर खाकर भी रतौंधी से फायदा ​मिलता है।
  • जिन लोगों को कमर दर्द की शिकायत हो वे लोग खजूर को पानी में अच्छी तरह उबालें फिर उसमें दो से तीन चमच मेथी दाना का चूर्ण मिलाएं और इसका नियमित रूप से सेवन करने से आपको जल्दी कमर दर्द की समस्या से छुटकारा मिलेगा|
  • जुकाम से परेशान रहते हैं तो एक गिलास दूध में पांच खजूर डालें। पांच दाने काली मिर्च, एक दाना इलायची और उसे अच्छी तरह उबाल कर उसमें एक चम्मच घी डाल कर रात में पी लें। सर्दी-जुकाम बिल्कुल ठीक हो जाएगा।
  • अगर दस्त की समस्या हो, तो थोड़ा सा खजूर लेकर उसमें शहद मिलाकर चाटने से लाभ होता है।
  • कमर दर्द में 5 खजूर को उबालें और इसमें 5 ग्राम मेथी डालकर पीने से कमर दर्द ठीक होता है।
  • गुहेरी (आंख की फुंसी या बिलनी) में खजूर की गुठली को घिसकर आंखों की पलकों पर लेप करने से गुहेरी नष्ट होती है।
  • अगर सांस से संबंधित समस्या है, तो आपको सोंठ के मिश्रण के साथ खजूर का सेवन करना चाहिए।
  • जिन लोगों का दिल कमजोर है, उन्हें रात में खजूर भिगो लेने चाहिए,और सुबह उस खजूर को खा लेना चाहिए।
  • सुबह शाम दो या तीन खजूर खाकर गर्म पानी पीने से कब्ज की समस्या दूर होती है।
  • खुजली में खजूर की गुठली को जलाकर उसकी राख में कपूर और घी मिलाकर खुजली पर लगाने से खुजली ठीक होती है।

छुहारे और खजूर दोनों की अपनी-अपनी खासियते

खजूर एक ऐसा फल है जिसे हम सूखा भी खा सकते हैं और गीला भी खा सकते हैं। सूखा खजूर जिसे हम छुआरे के नाम से जानते हैं। दोनों ही प्रकार के खजूर में पौष्टिकता भरपूर होती है।

  • छुहारे में पोष्टिक तत्व अधिक पाए जाते हैं और  ज्यादा कैलोरी मौजूद होती है वहीं खजूर कम कैलोरी वाला होता है। छुहारा (Dry Date), खजूर की अपेक्षा जल्दी पच जाता है।
  • अगर आप अपना वजन कम करना चाहते हैं तो खजूर का सेवन कर सकते हैं जबकि मांसपेशियों की ताकत या पाचन को सुधारने के लिए आप छुहारे का प्रयोग कर सकते हैं। 
  • खजूर में नमी ज्यादा होती है जबकि छुहारा कम नमी वाला होता है। यही कारण होता है छुहारे अधिक दिन तक चलते हैं। अगर खजूर की बात करें तो खजूर अगर हवा रहित कंटेनर में रखा जाए तो 6-8 महीने और फ्रिज में रखा जाए तो 1 साल तक खराब नहीं होता। 
  • छुहारे में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा कम पाई जाती है। वहीं यह फाइबर का अच्छा स्रोत है। जबकि खजूर में विटामिन सी के साथ-साथ कैल्शियम आयरन आदि पाया जाते हैं। छुहारे के अंदर खजूर की तुलना में ज्यादा कैल्शियम मौजूद होता है। ऐसे में ये कैल्शियम का अच्छा स्रोत मानते हैं। 
  • खजूर की तासीर ठंडी होती है। ऐसे में गर्मी के मौसम में इसका कम सेवन किया जाता है। यह न केवल शरीर को ठंडक पहुंचाता है बल्कि अन्य रोगों से भी मुक्त रखता है। जबकी छुहारे की तासीर गरम होती है।

खजूर के नुकसान (Side Effects of Dates in Hindi) 

  • खजूर का अधिक सेवन आपके वजन को बढ़ा सकता है।
  • खजूर नैचरली मीठा होता है और अगर इसका अधिक मात्रा में सेवन किया जाए तो इससे न सिर्फ डायबीटीज की दिक्कत हो सकती है बल्कि ब्लड प्रेशर भी बढ़ सकता है।
  • यह दस्त की समस्या भी पैदा कर सकता है।
  • अधिक मात्रा में खजूर का सेवन पेट में दर्द की वजह बन सकता है । इसे खाने से डिहाइड्रेशन की प्रॉब्‍लम हो सकती है । खजूर में बहुत अधिक मात्रा में फाइबर्स होते हैं जो शरीर में मौजूद पानी को अवशोषित कर लेते हैं ।
  • खजूर में पोटेशियम की अधिक मात्रा होती है जो किडनी को अधिक नुकसान का कारण भी बन सकता है।
  • कुछ लोगों को इससे एलर्जी भी हो सकती है इसलिए इसके सेवन से पहले चिकित्सक से सलाह ले।
  • इसे खाने से यह दातों में चिपक जाता है जिससे दातों की समस्या भी हो सकती है।
  • बाजार में बिकने वाला खजूर लंबे समय तक खराब न हो इसके लिए उसमें प्रिजर्वेटिव के तौर पर सल्फाइट का इस्तेमाल किया जाता है। सल्फाइट केमिकल कंपाउंड होता है जिससे हानिकारक बैक्टीरिया को दूर रखा जाता है। लेकिन इसी सल्फाइट की वजह से कई लोगों को गंभीर ऐलर्जी हो सकती है। पेट दर्द, गैस, पेट फूलना और डायरिया जैसी दिक्कतें भी हो सकती हैं। खजूर फाइबर का बेहतरीन सोर्स है और यही फाइबर शरीर में अगर ज्यादा मात्रा में पहुंच जाए तो कई बार नुकसान भी पहुंचा सकता है।

असली खजूर की पहचान कैसे करें?

  • असली और नकली खजूर में अंतर करना बहुत मुश्किल है। नकली खजूर, कच्चे खजूर में गुड़ की चाशनी चढ़ाकर तैयार किया जाता है इसलिए बस इसके स्वाद से ही नकली और असली खजूर में अंतर पता किया जा सकता है। असली खजूर का मीठापन मध्यम दर्जे का होता है वहीं नकली खजूर शक्कर जैसा मीठापन देता है।
  • इसके अलावा इनकी पहचान पानी में डालकर भी की जा सकती है। असली खजूर को पानी में डालने पर वो रंग नहीं बदलेगा जबकि नकली खजूर को पानी में डालने पर गुड़ की चादर और जंगली खजूर अलग-अलग हो जाएंगे।
  • एक खजूर ऐसा भी होता है। जो कि यूं तो अंदर से बहुत ही सख्त और बाहर से बहुत चिपचिपा और बड़ा होता है। इस खजूर को चीनी से बनी चासनी में डुबोकर निकाला गया होता है।जिसकी वजह से यह बाहर से इतना रसीला दिखता है। यह खजूर बहुत ही कम कीमत पर हर जगह आसानी से मिल जाता है। लेकिन इस तरह का खजूर के लगातार इस्तेमाल करने से ,यह  फायदे की बजाय शरीर को नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए खजूर चाहे आप ,किसी भी तरह का क्यों ना खरीदे।एक बात का हमेशा ख्याल रखें कि वह बाहर से चिपचिपा और रसीला ना हो। क्योंकि कुदरत ने दुनिया में जितनी भी खाने की चीजों को बनाया है। उसके अंदर रस होता है बाहर नहीं। बाहर रस वाली चीजें तो इंसानी दिमाग है।

नोट : खजूर खाने के फायदे कई सारे होते हैं, इसलिए औषधीय गुणों से भरपूर खजूर आप कभी भी खा सकते हैं। खजूर सदैव धो कर ही खाएं क्योंकि खजूर लंबे समय तक खराब न हो इसके लिए उसमें प्रिजर्वेटिव के तौर पर सल्फाइट का इस्तेमाल किया जाता है और मीठी होने के कारण उन पर मखियाँ भी बैठ जाती हैं।

पढ़ने के लिए धन्यवाद! 

                                                                                                                                                                              रीना जैन


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