शहतूत का फल यानी मलबरी फ्रूट खाने में जितना स्वादिष्ट होता है उतना ही सेहतमंद भी है। शहतूत को औषधीय गुण का खजाना माना जाता है। दरअसल, यह एक एंटी-ऑक्सीडेंट रिच फल है। जब आप इसे खाते हैं तो इसके एंटी-ऑक्सीडेंट गुण शरीर को फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाने में मदद करते हैं। जिसके चलते कैंसर, हृदय रोग और मधुमेह जैसी बीमारियां होने की संभावना काफी हद तक कम हो जाती है। शहतूत में विटामिन ए, कैल्शियम और फॉस्फोरस जैसे पौष्टिक तत्व होते हैं जो कई स्वास्थ्य समस्याओं को दूर करने में मदद करते हैं। इसके फल को कच्चा खाया जा सकता है या इसे सूखा कर भी इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। इसका जूस भी स्वादिष्ट होता है। इसके अलावा इसके शर्बत, जैम, जैली आदि भी आपको बाजार में आसानी से मिल जाएंगे।
शहतूत क्या है? (What is Mulberry in Hindi?)

शहतूत, जिसे वाइट मल्बेरी व रशियन मल्बेरी आदि नामों से भी जाना जाता है; का वैज्ञानिक-नाम मोरस अल्बा है। यह मोरासिया (Moraceae) परिवार से सम्बन्धित है। इसे संस्कृत में तूतः एवम् अंग्रेजी में मलबेरी कहते हैं।शहतूत का स्वाद खट्टा और मीठा होता है। इसके फल, पत्ते, जड़, छाल और समस्त भागों को भोजन अथवा औषधि के रूप में उपयोग किया जा सकता है। शहतूत की तासीर ठंडी होती है। शहतूत जब कच्चा होता है तो सफेद रंग का होता है और पक ने के बाद वह हल्के हरे ब्राउन और डार्क पर्पल कलर का होता है।
शहतूत के पौष्टिक तत्व (Mulberry Nutritional Value)
शहतूत में पाए जाने वाले प्रमुख पोषक तत्व:
- विटामिन: विटामिन सी, ए, ई, और के
- खनिज: आयरन, कैल्शियम, पोटेशियम, मैग्नीशियम, फास्फोरस
- फाइबर: जो पाचन में मदद करता है
- एंटीऑक्सीडेंट: जो कोशिकाओं को नुकसान से बचाते हैं
- अन्य: फ्लेवोनोइड्स
प्रतिदिन कितनी मात्रा में शहतूत खाएँ? (How much Mulberry should one eat in a day?)

उचित मात्रा: 100 ग्राम
अधिकतम मात्रा: 150 ग्राम
शहतूत खाने के फायदे (Benefits of Mulberry)
शहतूत के अंदर एंटी ऑक्सीडेंट और बहुत से अन्य पौषक तत्व पाए जाते हैं और इसीलिए इनका प्रयोग करना सेहत और स्वास्थ्य के लिए काफी लाभदायक होता है लेकिन अगर आपको शहतूत से मिलने वाले लाभों के बारे में जानकारी नहीं है तो वह हम आपको बता रहे हैं-
एंटी एजिंग है शहतूत (Mulberry is anti-aging)

शहतूत का गूदा और जूस स्किन की पिगमेंटेशन को ठीक करता है। यह स्किन को टोन करता है और दाग-धब्बों को दूर करता है।शहतूत में रेस्वेराट्रोल (Resveratrol) पाया जाता है, जो सूर्य की यूवी किरणों के दुष्प्रभावों से स्किन की रक्षा करता है। एंटीऑक्सिडेंट गुण होने के कारण यह द बेस्ट एंटी-एजिंग एजेंट है। इसमें मौजूद बीटा कैरोटीन फ्री रेडिकल्स को न्यट्रीलाइज कर देता है। इसमें विटामिन ए, विटामिन सी और विटामिन ई भी मौजूद होता है, जो झुर्रियों को दूर करने में मदद करता है।
आंखों के लिए भी उपयोगी है (It is also Useful for the Eyes)
शहतूत में पाए जाने वाले कैरोटीनॉइड में से एक है जियेजैंथिन, जो एंटीऑक्सीडेंट के रूप में कार्य करता है और रेटिना को होने वाले नुकसान से बचाता है। यह मोतियाबिंद से भी बचाने में कारगर होता है। अगर आपको अपनी आंखों को स्वस्थ रखना है, तो शहतूत का सेवन कर सकते हैं।
कैंसर के खतरे को कम करता है (Reduces the Risk of Cancer)

शहतूत एंथोसायनिन से भरपूर होता है, जो कैंसर कोशिकाओं को दूर रखता है। इनमें रेसवेराट्रॉल भी होता है, जो कैंसर-रोधी गुणों के लिए जाना जाता है।
इम्यूनिटी को मजबूत करता (Strengthens Immunity)
किसी भी बीमारी से लड़ने के लिए इम्यून सिस्टम का मजबूत होना बेहद जरूरी है और शहतूत इम्यून सिस्टम को बूस्ट करने में मदद करता है। शहतूत में विटामिन C की अच्छी मात्रा होती है, जो शरीर की इम्यूनिटी को मजबूत करने में मदद करता है और रोगों से लड़ने की क्षमता को बढ़ाता है।
डायबिटीज में फायदेमंद (Beneficial in Diabetes)

शहतूत में ऐसे गुण भी होते हैं जो शरीर में इंसुलिन बनाने की प्रक्रिया को तेज करते हैं। यानि डायबिटीज के मरीज के लिए भी शहतूत फायदेमंद फल है। इससे मोटापा कम करने में भी मदद मिलती है।
हड्डियों के लिए फायदेमंद (Beneficial for Bones)
यदि आप अपनी हड्डियों में दर्द से परेशान है तो भी आप शहतूत का सेवन कर सकते हैं। शहतूत कैल्शियम का एक अच्छा स्रोत है, जो हड्डियों का मेन एलिमेंट है। कैल्शियम हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद करता है। शहतूत में विटामिन K की मात्रा भी होती है, जो हड्डियों के स्वास्थ्य को बढ़ावा देता है।
ब्लड प्रेशर को करता है कंट्रोल (Controls Blood Pressure)

शहतूत पोटेशियम का एक अच्छा स्रोत है, जो ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में मदद करता है। यह भी हमारे ब्लड प्रेशर को कम करने में मदद कर सकता है। इसके साथ ही शहतूत फाइबर का भी एक अच्छा स्रोत है। फाइबर ब्लड में कोलेस्ट्रॉल के लेवल को कम करने में मदद करता है, इसके कारण ब्लड प्रेशर को कम करने में भी मदद मिलती है।
पाचन तंत्र के लिए (For the Digestive System)
शहतूत में डाइट फाइबर होता है, जिसके सेवन से आपका पाचन तंत्र बेहतर बना रहता है।
इसमें मौजूद गुण डाइजेस्टिव सिस्टम को सुधारते हैं, जिससे गैस, एसिडिटी, अपच जैसी परेशानियों से राहत मिलती है। साथ ही ये पाचन तंत्र में आई सूजन को भी कम करने में मददगार होता है।
पेट के कीड़ों में फायदेमंद (Panacea for the Digestive System)

शहतूत में विटामिन ए, कैल्शियम, फोस्फोरस और पोटेशियम अधिक मात्रा में पाए जाते हैं। इसके सेवन से बच्चों को जरुरी न्यूट्रीयेंट्स तो मिलती ही हैं साथ ही यह पेट के कीड़ों को भी खत्म करता है।
शहतूत खाने में रखी जाने वाली सावधानियां (Precautions to be Taken while Eating Mulberry)

शहतूत खाने के फायदे के साथ ही साथ कुछ नुकसान भी हैं। इसके कुछ नुकसान आगे बताएं जा रहे हैं –
- कुछ लोगों को शहतूत खाने से एलर्जी हो सकती है, जिससे स्किन की समस्या में खुजली, सूजन हो सकती है। इसीलिए यदि आपको यह समस्या है तो आपको इसके सेवन से बचना चाहिए।
- शहतूत ब्लड शुगर लेवल को कम करने में मदद करता है। यदि आप डायबिटीज के मरीज है और आप दवा का सेवन कर रहे हैं तो आपको डॉक्टर की सलाह पर ही इसका सेवन करना चाहिए।
- यदि आपको किडनी से जुड़ी कोई समस्या है, तो भी आपको इसके सेवन से बचना चाहिए।
- इसे भोजन करने के बाद न खाएं।
- शहतूत को सीमित मात्रा में ही लें और रात में खाने से परहेज़ करें अन्यथा पाचन संबधी समस्या का सामना करना पड़ सकता है।
- गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को इसका सेवन करने से बचना चाहिए।
- शहतूत को खाते समय बीच में पानी पीने से बचें।
किसी भी स्वास्थ्य समस्या से पीड़ित व्यक्ति को इसका सेवन करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।
पढ़ने के लिए धन्यवाद !
रीना जैन
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